बिहार चुनाव में बीजेपी के चुनावी तरकश में होंगे कौन-कौन से तीर

पटना(एजेंसी) इस साल के आखिर में होने जा रहे बिहार विधानसभा के चुनाव में बीजेपी प्रचार अभियान के दौरान जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को शुरू करने का मुद्दा जोर-शोर से उठा सकती है। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यंमत्री नीतीश कुमार की तरफ से किए गए कार्यों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में केन्द्र सरकार की बीते छह वर्षों की उपलब्धियां भी लोगों के सामने रखी जाएंगी।

समाचार एजेंसी एएनआई ने बिहार बीजेपी के सूत्रों के हवाला से बताया है कि वे जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने और अयोध्या पर फैसला जिससे भव्य राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ, उन्हें इस दौरान उठाएंगे। उन्होंने बताया कि जेडीयू के नेताओं की तरफ से चुनाव प्रचार के दौरान शायद ही इन्हें उठाया जाए।

सूत्रों ने बताया कि दोनों ही सहयोगी दलों के अलग वोट बैंक है और बीजेपी इन मुद्दों को उठाएगी क्योंकि वे इसे महत्वपूर्ण मानती है। एक पार्टी के नेता ने बताया, बीजेपी के अपने उम्मीदवार अपने विधानसभा क्षेत्र में जोरदार तरीके से अनुच्छे 370 और राम मंदिर को मुद्दे को उठाएंगे।

इसके साथ ही, दोनों दलों के नेताओं की तरफ से राष्ट्रीय जनता दल के “कुशासन” के बारे में भी लोगों के सामने रखा जाएगा। बिहार के बीजेपी नेता केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ज्यादा से ज्यादा रैलियां कराना चाहते हैं। इसके साथ ही, वे जेडीयू के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन और ज्यादा सीट जीतना चाहते हैं।
इधर, बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटकों में सबसे ज्यादा सीटें जनता दल (यूनाईटेड) को मिलने की संभावना है। एनडीए के घटकों ने राज्य में इसके लिए जमीनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सभी दल अभी चुनाव-घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। इधर, एनडीए के तीनों घटक दलों- जदयू, भाजपा और लोजपा के बीच सीटों के बंटवारे का मोटा-मोटी फार्मूला तैयार हो गया है। अब 15 सितंबर के बाद तीनों दलों के बड़े नेताओं की बैठक होने की संभावना है, जिसमें सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दिया जाएगा।

एनडीए में यह लगभग तय माना जा रहा है कि जदयू सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उससे थोड़े कम पर भाजपा चुनाव मैदान में होगी। तीसरे नंबर की पार्टी लोजपा होगी। अगर कुछ और नेता एवं दल एनडीए के साथ आते हैं, तो उन्हें भी कुछ सीटें दी जा सकती हैं। इनमें जीतनराम मांझी शामिल हैं, जो अपने भविष्य की राजनीति का फैसला 02 सितंबर को करने वाले हैं। भाजपा व जदयू- दोनों दल कह चुके हैं कि एनडीए के साथ आस्था रखने वालों के लिए उनके दरवाजे खुले हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में जदयू लगभग 110 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा की सीटों की संख्या 100 के आसपास रह सकती है। जबकि, लोजपा को 30 से 35 सीटें दिए जाने की उम्मीद है। हालांकि लोजपा इससे सहमत नहीं है। वह 40 से ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहती है। कुछ छोटे दलों और नेताओं के साथ आने पर लगभग एक दर्जन सीटें उनको दी जा सकती हैं। इसके लिए तीनों दलों को अपने हिस्से की सीटों में कटौती करनी होगी

Live Share Market

जवाब जरूर दे 

पश्चिम बंगाल मे किस दल की सरकार बनेगी ?

View Results

Loading ... Loading ...

Related Articles

Back to top button
.
Website Design By Bootalpha.com +91 82529 92275
.
Close